गांधीनगर : निर्माणाधीन इमारत का स्लैब गिरा, 15 मजदूरों का रेस्क्यू; 12 अस्पताल में भर्ती
कुडासन के निर्माण स्थल पर देर रात हुआ हादसा, राहत-बचाव के बाद मलबा हटाने का काम जारी
गांधीनगर, 10 सितंबर 2026। गुजरात के गांधीनगर के कुडासन इलाके में बुधवार रात निर्माणाधीन व्यावसायिक इमारत का स्लैब अचानक गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के समय निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया।
ताजा जानकारी के अनुसार 15 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इनमें से 12 को गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि तीन मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। अस्पताल में भर्ती मजदूरों की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है।
रात करीब 9 बजे हुआ हादसा
हादसा कुडासन स्थित बोस्की द एम्पायर नामक निर्माणाधीन व्यावसायिक परियोजना में रात करीब 9 बजे हुआ। यहां दो मौजूदा संरचनाओं के बीच निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान स्लैब का एक हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा।
शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया कि निर्माण के दौरान क्रेन के किसी हिस्से से स्लैब को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
मलबे में फंसे मजदूरों को निकाला गया
स्लैब गिरने के बाद मौके पर भारी लोहे और कंक्रीट का मलबा जमा हो गया था। स्थानीय लोगों और बचाव दलों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। फायर ब्रिगेड की टीमों ने मलबे को काटकर और हटाकर मजदूरों तक पहुंच बनाई।
घायलों को एंबुलेंस और अन्य वाहनों के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। आपातकालीन सेवा की कई एंबुलेंस भी मौके पर तैनात की गई थीं।
12 मजदूर अस्पताल में भर्ती
बचाए गए मजदूरों में से 12 को गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि तीन को गंभीर चोट नहीं होने के कारण अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार भर्ती मजदूरों की स्थिति गंभीर नहीं है। कुछ मजदूरों को रीढ़ संबंधी चोटें आने की जानकारी भी सामने आई है।
मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएम
हादसे की जानकारी मिलने के बाद गुजरात के डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान का जायजा लिया। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने भी अस्पताल पहुंचकर घायल मजदूरों के इलाज की व्यवस्था की जानकारी ली।
सुरक्षा व्यवस्था की जांच होगी
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठे हैं। अधिकारियों की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यह भी देखा जाएगा कि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था या नहीं।
प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना रही कि मलबे के नीचे कोई व्यक्ति और न फंसा हो। इसी वजह से मजदूरों के रेस्क्यू के बाद भी मलबा हटाने और स्थल की जांच का काम जारी रखा गया।












